अंकिता भंडारी के माता-पिता को गुरुवार सुबह 4 बजे इंडिया गेट पर हिरासत में लिया गया। करीब एक घंटे बाद, 5 बजे, उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है — दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति रद्द हो, नहीं तो पूरे देश में आंदोलन होगा।
Updated: October 15, 2026, 10:15 AM IST
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- अंकिता भंडारी के माता-पिता 15 अक्टूबर को सुबह 4 बजे इंडिया गेट पर हिरासत में लिए गए, करीब 5 बजे छोड़े गए।
- पिता ने कहा — 24 घंटे में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो पूरे देश में प्रदर्शन होगा।
- “वीआईपी एंगल” के आरोप का मतलब: परिवार का दावा है कि अंकिता की हत्या में किसी बड़े नेता का हाथ था। गौतम ने आरोपों से इनकार किया है।
क्या हुआ था 2022 में
अंकिता भंडारी 19 साल की थीं। वह ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई। चार दिन बाद उनका शव चिल्ला नहर से मिला।
रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य — जो पूर्व बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे हैं — और उनके दो साथियों को इस केस में दोषी ठहराया गया। तीनों को उम्रकैद की सजा मिली। इंडियन एक्सप्रेस ने यह जानकारी दी है।
लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। परिवार और कार्यकर्ताओं का आरोप रहा कि इस अपराध के पीछे कोई “वीआईपी” था — कोई ताकतवर शख्स जिसका नाम कभी सामने नहीं आया। यही आरोप इस केस को आज तक जिंदा रखे हुए है।
“वीआईपी एंगल” का मतलब क्या है
सीधी भाषा में कहें तो: परिवार का कहना है कि हत्या के पीछे कोई बड़ा नाम था। उनका मानना है कि जांच में उस कोण को ठीक से नहीं देखा गया।
अब इसी “वीआईपी एंगल” की जांच सीबीआई कर रही है। परिवार की मांग है — जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती, दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए।
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दुष्यंत कुमार गौतम कौन हैं
दुष्यंत कुमार गौतम बीजेपी नेता हैं। वह पहले उत्तराखंड बीजेपी के प्रभारी रह चुके हैं। 12 अक्टूबर (सोमवार) को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
परिवार और कार्यकर्ता बार-बार उन्हीं का नाम उस “वीआईपी” के तौर पर ले रहे हैं। गौतम ने इन आरोपों से इनकार किया है। डेक्कन हेराल्ड ने पीटीआई के हवाले से लिखा है कि उन्होंने आरोप लगाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है।
यह जानना जरूरी है: गौतम के खिलाफ लगे आरोप अब तक साबित नहीं हुए हैं।
इंडिया गेट पर क्या हुआ
पिछले कुछ दिनों से अंकिता के माता-पिता दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार शाम को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इंडिया गेट पर उनके धरने में शामिल हुए। प्रियंका गांधी ने अंकिता की मां को गले लगाया।
गुरुवार सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने माता-पिता को हिरासत में ले लिया। हिंदू अखबार के मुताबिक करीब 5 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। कांग्रेस के पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और उदय भानु चिब को भी हिरासत में लिया गया था। सबको बाद में छोड़ दिया गया।
हिरासत के दौरान ही अंकिता के पिता ने पीटीआई वीडियो से कहा: “सरकार को दुष्यंत की नियुक्ति रद्द करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हैं। अगर मांग नहीं मानी गई तो पूरे देश में प्रदर्शन होगा।”
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अंकिता की मां ने कहा कि अगर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली तो वह घर पर भूख हड़ताल करेंगी। एबीपी लाइव ने यह बात बताई है।
आगे क्या होगा
अब 24 घंटे का समय चल रहा है। दो बातों पर सबकी नजर है।
पहली: क्या सीबीआई की जांच तेज होगी? अब जब पूरा देश देख रहा है, जांच पर दबाव बढ़ेगा।
दूसरी: क्या सरकार किसी मौजूदा राज्यपाल की नियुक्ति पर पुनर्विचार करेगी? यह बहुत कम होता है, और सरकार की तरफ से अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं है।
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माता-पिता अभी घर पर हैं। उनकी मांग वहीं की वहीं है। और कांग्रेस के समर्थन के साथ, यह आंदोलन अब सिर्फ दो लोगों का धरना नहीं रहा।
FAQ
माता-पिता को हिरासत में क्यों लिया गया?
वे दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर धरना दे रहे थे। दिल्ली पुलिस ने 15 अक्टूबर को सुबह 4 बजे उन्हें हिरासत में लिया और करीब 5 बजे छोड़ दिया।
“वीआईपी एंगल” क्या है?
परिवार का दावा है कि अंकिता की हत्या में किसी ताकतवर नेता (वीआईपी) का हाथ था। इसी आरोप की जांच अब सीबीआई कर रही है। दुष्यंत गौतम ने आरोपों से इनकार किया है और मानहानि का केस किया है।
24 घंटे के अल्टीमेटम का क्या मतलब है?
अंकिता के पिता ने कहा है कि सरकार 24 घंटे में गौतम की नियुक्ति रद्द करे, वरना पूरे देश में प्रदर्शन शुरू होगा। परिवार चाहता है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगे।



