टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर जुहू में फायरिंग करने वाले तीन आरोपी सोमवार सुबह कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए। पुलिस का कहना है कि हमलावरों ने हमले के बाद अपने फोन बंद कर दिए थे, लेकिन कैब ड्राइवर को किया गया एक कॉल उनकी पकड़ का कारण बना।
Updated: October 20, 2026, 10:00 IST
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- फूल सिंह (18), हृतिक महतो (22) और रहाब रहीसुद्दीन (18) को सोमवार सुबह 10:17 बजे पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे से गिरफ्तार किया गया। मुंबई पुलिस, राजस्थान की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और रेलवे पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की।
- मुंबई पुलिस के मुताबिक, तीनों ने रविवार शाम जुहू में टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर पांच राउंड गोलियां चलाईं। एक बंदूक जाम हो गई, तो वे बाइक से भागे। उनका रास्ता तीन राज्यों से गुजरा — अंधेरी स्टेशन तक बाइक, बोरीवली तक लोकल ट्रेन, सूरत तक कैब, फिर कोटा तक पुणे-जयपुर ट्रेन। पुलिस का मानना है कि वे दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
- लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से वायरल पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी का दावा किया गया है, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। तीनों आरोपियों को हमले के लिए कुल 50,000 रुपये मिले थे, पुलिस सूत्रों ने टीबीएस न्यूज़ को बताया।
सुबह 10:17 बजे कोटा में गिरफ्तारी
ट्रेन सुबह 10:17 बजे कोटा स्टेशन पहुंची। रेलवे पुलिस को पहले से अलर्ट किया गया था, और तीनों जनरल डिब्बे में ही पकड़े गए, एनडीटीवी ने बताया। उन्हें मुंबई पुलिस की टीम को सौंपा गया, जिसे स्थानीय कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली, कोटा एडिशनल एसपी सुभाष चंद्र मिश्रा ने कहा। कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंप दिया गया है, इंडियन एक्सप्रेस ने बताया, और टाइगर श्रॉफ को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
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पांच गोलियां, एक जाम बंदूक, तीन राज्य
सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी (डिटेक्शन) राज तिलक रौशन ने कहा कि आरोपियों ने टाइगर की गाड़ी पर पांच राउंड गोलियां चलाईं। एक बंदूक जाम हो गई, इसलिए वे बाइक से भाग गए।
पुलिस ने अब तक उनका भागने का रास्ता इस तरह बताया है:
- जुहू से बाइक पर अंधेरी स्टेशन पहुंचे।
- वहां से लोकल ट्रेन से मुंबई के बोरीवली गए।
- बोरीवली से कैब लेकर गुजरात के सूरत पहुंचे।
- सूरत से कोटा जाने वाली ट्रेन में सवार हुए, जहां पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पकड़े गए।
फायरिंग के बाद हमलावरों ने अपने फोन बंद कर दिए थे। लेकिन एक कैब ड्राइवर को किया गया एक कॉल पुलिस के लिए पहली असली कड़ी बना, इंडियन एक्सप्रेस ने बताया।
पुलिस सूत्रों ने टीबीएस न्यूज़ को बताया कि तीनों को हमले के लिए कुल 50,000 रुपये मिले थे। कोटा एसपी गौतम ने कहा कि आरोपी जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की योजना बना रहे थे।
तीनों आरोपी कौन हैं — और एक सुधारी गई खबर
मुंबई पुलिस ने आरोपियों की पहचान फूल सिंह (18), हृतिक महतो (22) और रहाब रहीसुद्दीन (18) के तौर पर की है। पुलिस के मुताबिक, हमले के समय महतो बाइक चला रहा था, जबकि बाकी दोनों ने गोलियां चलाईं। रेहान और सिंह दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि महतो करीब एक साल से अंधेरी वेस्ट में रैपिडो बाइक राइडर का काम कर रहा था, इंडियन एक्सप्रेस ने बताया।
यहां दो बातों में सावधानी जरूरी है, क्योंकि शुरुआती खबरों में अंतर था। पहली: कुछ मीडिया ने पहले कहा था कि एक आरोपी 17 साल का नाबालिग है। बाद में मुंबई पुलिस ने साफ किया कि तीनों में से कोई भी नाबालिग नहीं है। दूसरी: अलग-अलग मीडिया में नामों की स्पेलिंग अलग-अलग छपी है। यह खबर मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताए गए नामों पर आधारित है।
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गैंग का दावा — अभी साबित नहीं
फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी का दावा किया गया। पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और न ही गैंग से कोई जुड़ाव साबित हुआ है, इंडियन एक्सप्रेस ने बताया।
एक नई कड़ी पुलिस जांच रही है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि वायरल दावे वाले पोस्ट से जुड़ा अनिल पंडित नाम का व्यक्ति रेहान के संपर्क में था, कोटा जिला एसपी ने कहा, टीबीएस न्यूज़ के मुताबिक। लेकिन संपर्क होना और हमले का आदेश देना — ये दो अलग-अलग बातें हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “हमले में शामिल लोगों और इसके पीछे के लोगों की पहचान के लिए गहन जांच होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा,” इंडियन एक्सप्रेस ने बताया।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
### कोटा में पकड़े गए तीन आरोपी कौन हैं?
मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी (डिटेक्शन) के मुताबिक, फूल सिंह (18), हृतिक महतो (22) और रहाब रहीसुद्दीन (18)। महतो बाइक चला रहा था, बाकी दोनों ने गोलियां चलाईं। शुरुआती खबरों में एक आरोपी को 17 साल का नाबालिग बताया गया था, लेकिन पुलिस ने बाद में साफ किया कि तीनों में से कोई नाबालिग नहीं है।
### क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने हमले का आदेश दिया था?
गैंग के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट में जिम्मेदारी का दावा किया गया, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। इस केस में लॉरेंस या अनमोल बिश्नोई को आरोपी नहीं बनाया गया है।
### पुलिस ने हमलावरों को जुहू से कोटा तक कैसे पकड़ा?
हमलावरों ने अपने फोन बंद कर दिए थे, लेकिन कैब ड्राइवर को किया गया एक कॉल पुलिस के लिए सुराग बना, इंडियन एक्सप्रेस ने बताया। मुंबई पुलिस ने यह जानकारी राजस्थान पुलिस को दी, जिसने सोमवार सुबह 10:17 बजे कोटा में पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे से तीनों को पकड़ लिया।
कोटा कोर्ट ने मुंबई पुलिस को दो दिन की ट्रांजिट हिरासत दी है। अब क्राइम ब्रांच का एंटी-एक्सटॉर्शन सेल तीनों से पूछताछ करेगा।



