अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स जीत लिया। नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में सीनेट की सीटें भी पलट गईं। भारतीय मूल के कई उम्मीदवार भी जीते।
Updated: 4 November 2026, 10:30 IST
Quick Read
- डेमोक्रेट्स ने हाउस जीत लिया। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा झटका है।
- नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर जीते। साउथ कैरोलिना में एनी एंड्रूज ने चौंकाया।
- फ्लोरिडा से पिया डांडिया जीतीं। वह पहली पीढ़ी की भारतीय-अमेरिकी सांसद बनीं।
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मिडटर्म चुनाव हुए। नतीजे 4 नवंबर की सुबह तक साफ होने लगे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स जीत लिया। यह खबर सीएनएन और डिसीजन डेस्क एचक्यू के अनुमानों पर आधारित है। द हिंदू और यूएसए टुडे ने भी यही बताया।
पहले यह समझ लें। मिडटर्म चुनाव क्या है? अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल 4 साल का होता है। बीच में, 2 साल बाद, संसद के चुनाव होते हैं। इन्हें मिडटर्म चुनाव कहते हैं। इसमें हाउस की सभी 435 सीटों पर वोट पड़े। साथ में 37 सीनेट सीटों और 36 गवर्नर पदों पर भी चुनाव हुआ।
हाउस में डेमोक्रेट्स की जीत
चुनाव से पहले हाउस में रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा था। उनके पास 218 सीटें थीं। डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं। अब डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल कर लिया है। एनबीसी के अनुमान के अनुसार डेमोक्रेट्स को कम से कम 244 सीटें मिल सकती हैं।
इसका मतलब साफ है। अब ट्रंप के बाकी 2 साल कठिन होंगे। हाउस में डेमोक्रेट्स सरकार के कामों की जांच कर सकेंगे। कानून पास करना भी मुश्किल होगा।
सीनेट में बड़े उलटफेर
सीनेट में भी डेमोक्रेट्स को बड़ी कामयाबी मिली। पहले सीनेट में रिपब्लिकन 53-47 से आगे थे। डेमोक्रेट्स को बहुमत के लिए 4 सीटों का फायदा चाहिए था।
नॉर्थ कैरोलिना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर जीते। उन्होंने रिपब्लिकन माइकल व्हाटली को हराया। यह सीट पहले रिपब्लिकन के पास थी। कूपर को लगभग 61% वोट मिले।
साउथ कैरोलिना में सबसे बड़ा चौंकाने वाला नतीजा आया। बाल रोग विशेषज्ञ एनी एंड्रूज जीतीं। उन्होंने डार्लीन ग्राहम को हराया। डार्लीन के भाई लिंडसे ग्राहम लंबे समय से सीनेटर थे। यह सीट रिपब्लिकन का गढ़ मानी जाती थी।
जॉर्जिया में सीनेटर जॉन ओसॉफ फिर जीते। उन्होंने रिपब्लिकन माइक कॉलिंस को हराया। न्यू हैम्पशायर में क्रिस पैपस ने डेमोक्रेट्स की सीट बचा ली। फ्लोरिडा में रिपब्लिकन एश्ले मूडी सीनेट में फिर जीतीं।
सीनेट का पूरा नियंत्रण अभी तय नहीं हुआ है। कुछ सीटों की गिनती बाकी है। इसलिए इस पोस्ट में सीनेट जीत का दावा नहीं किया गया है। सिर्फ हाउस की जीत पक्की बताई गई है।
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भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों की जीत
भारतीय मूल के उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव अच्छा रहा। फ्लोरिडा की 22वीं सीट से पिया डांडिया जीतीं। वह डेमोक्रेट हैं। उन्होंने रिपब्लिकन केसी अस्कर को हराया। पिया को 51.9% वोट मिले। वह पहली पीढ़ी की भारतीय-अमेरिकी हैं। पहले वह स्कूल की प्रिंसिपल थीं।
वर्जीनिया की 10वीं सीट से सुहास सुब्रमण्यम फिर जीते। उन्हें 61.4% वोट मिले। वह डेमोक्रेट हैं। मैरीलैंड में अरुणा मिलर भी फिर जीतीं। वह राज्य की लेफ्टिनेंट गवर्नर बनी रहेंगी। लेफ्टिनेंट गवर्नर का मतलब है गवर्नर के बाद दूसरे नंबर का नेता।
जॉर्जिया में ज्योत सिंह राज्य विधानसभा की सीट पर आगे चल रहे थे। उन्हें 70.6% वोट मिले थे। यह शुरुआती नतीजा है।
कुछ भारतीय-अमेरिकी हारे भी। ओहायो के गवर्नर पद की दौड़ में विवेक रामास्वामी पीछे चल रहे थे। डेमोक्रेट एमी एक्टन को 54.3% वोट मिले थे। नॉर्थ कैरोलिना की चौथी सीट से महेश “मैक्स” गणोरकर हार गए।
गवर्नर पदों पर भी बड़ी जीत
जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स गवर्नर बनीं। वह डेमोक्रेट हैं। वह अमेरिका में गवर्नर बनने वाली पहली अश्वेत महिला हैं। पहले वह अटलांटा की मेयर थीं। न्यूयॉर्क में कैथी होचुल फिर गवर्नर बनीं। रोड आइलैंड में हेलेना फाउल्क्स जीतीं।
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नतीजों पर ट्रुथ सोशल पर लिखा। ट्रुथ सोशल उनका अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। उन्होंने लिखा, “I wasn’t on the Ballot and if I was, we would have won IN A LANDSLIDE!” इसका मतलब है: “मैं बैलट पर नहीं था। अगर मैं होता, तो हम भारी जीत हासिल करते।”
चुनाव से पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर डेमोक्रेट्स जीत गए, तो वह “मिस्टर वीटो” बन जाएंगे। वीटो का मतलब है राष्ट्रपति का कानून रोकने का अधिकार। यह बयान चुनाव से पहले का है। चुनाव के बाद का बयान सिर्फ ट्रुथ सोशल वाला है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने एएफपी को बताया कि माहौल “लड़ने वाला” है। इसका मतलब है कि ट्रंप हार के बाद भी पीछे नहीं हटेंगे।
भारत के लिए इसका क्या मतलब है?
अमेरिका भारत का बड़ा साझेदार है। हाउस में डेमोक्रेट्स के आने से ट्रंप की नीतियों पर बहस बढ़ेगी। व्यापार, वीज़ा और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अमेरिका की नीति पर असर पड़ सकता है। भारतीय-अमेरिकी सांसदों की संख्या बढ़ने से भारत की आवाज़ भी मजबूत होगी।
आगे क्या होगा? सीनेट की बाकी सीटों के नतीजे आने बाकी हैं। उसके बाद ही पता चलेगा कि सीनेट किसके पास रहेगी। हाउस में डेमोक्रेट्स जनवरी 2027 से काम शुरू करेंगे।
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FAQ
प्रश्न 1 अमेरिका के मिडटर्म चुनाव 2026 में कौन जीता? हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स जीते। सीनेट में उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना की सीटें पलटीं, पर सीनेट का पूरा नियंत्रण अभी तय नहीं हुआ है।
प्रश्न 2 पिया डांडिया कौन हैं? पिया डांडिया भारतीय मूल की डेमोक्रेट नेता हैं। वह फ्लोरिडा की 22वीं सीट से हाउस के लिए जीतीं। उन्हें 51.9% वोट मिले। वह पहली पीढ़ी की भारतीय-अमेरिकी सांसद हैं।
प्रश्न 3 ट्रंप ने हार पर क्या कहा? ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह बैलट पर नहीं थे। उन्होंने कहा कि अगर वह बैलट पर होते, तो रिपब्लिकन भारी जीत हासिल करते। चुनाव से पहले उन्होंने “मिस्टर वीटो” बनने की बात भी कही थी।


